सर्द दिनों में कभी-कभी घना कोहरा छा जाता है और सब कुछ ठप हो जाता है। यही हमारे साथ भी होता है। कभी-कभी ऐसा कोहरा छाता है कि कोई राह नज़र नहीं आती है। इस दौरान हम धैर्य से आगे बढने के बजाय ऐसे हाथ-पैर मारते है कि सारे रास्ते ही बंद हो जाते है।
ऐसे मौको पर सदैव रास्ते के दिख जाने का इंतज़ार करना चाहिए। तभी सुरक्षित आगे बढ पायेंगे।

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